Posts

Showing posts with the label Jagjit Singh Ghazal

Jagjit Singh जगजीत सिंह

Image
आज का दिन हिन्दुस्तानी मौसिकी में बड़ी उदासी का दिन है. दिल की गहराईयों को छू लेनेवाली मखमली आवाज़ के जादूगर जगजीत सिंह अब इस दुनियाँ में नहीं रहे. जगजीत सिंह की गाई ग़ज़लों का जादू हम सबके सर चढ़ कर बोलता था. वो ऐसे फनकार थे जिन्होंने गज़ल गाने जटिल विधा को इतनी सरलता से पेश किया कि हम जैसे नासमझ भी ग़ालिब, फैज़, जैसों के कायल हो गए. अपनी गाई ग़ज़लों में नए साज़ और अपनी रेकोर्डिंग में नई तकनीक और उपकरण जोड़ कर उन्होंने ग़ज़लों को एक बार फिर से प्रासंगिक बना दिया. ‘होठों से छू लो तुम’ और ‘अपनी आँखों के समंदर में उतर जाने दे’ जैसी गज़लें हमारी पीढ़ी के मजनुओं की पहचान बन गए. एक ऐसे मुल्क में जहाँ फिल्मी संगीत का हमेशा से जोर रहा है, जगजीत साहब एक ऐसे फनकार थे जिनकी ग़ज़लों के अलबम बाज़ारों में धडल्ले से बिके. हालांकि जगजीत सिंह की पहचान प्रमुखत: गज़ल फनकार के रूप में रही है, जगजीत साहब किसी खास खूंटे से बंधे नहीं थे. उनके फिल्मी गीत काफी मशहूर हुए और उन्होंने कई फिल्मों (जैसे अर्थ) में संगीत भी दिया. उनकी भजनों का संकलन (माँ, कबीर) उनकी संगीत की प्रगाढ़ और विस्तृत पकड़ के सटीक उदाहर...